जैन कॉपरेटिव बैंक मे नोटबंदी के बाद 1000 हज़ार अकाउंट खोले गये काले को सफ़ेद बनाने के लिये ,

जैन कॉपेरेटीव बैंक में नोटबंदी के बाद 1000 हजार अकाउंट खोले गये काले को सफ़ेद बनाने के लिये
बैंक के कुछ निदेशकों और स्टाफ की मिलीभगत से बैंक में निरतँर घोटाले बाजी हीती है और रजिस्ट्रार ऑफ coperative और आर बी आई के अधिकारी रिश्वत के बोझ से दब जाते है
12 दिसम्बर 2016 की दरियागँज शाखा में नौ सेविंग बैंक के खाते खोले गये
SB A/c no. 21456 to 21464
जिसमे Vinay jain member ship no. 42042 का introduction दिखाया गया फर्जी साइन करके बिना विनय की जानकारी के
ये सब घोटाला एक निदेशक aue
Dipali , dimple, kuldeep, Rajmohan बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से हुआ
विनय ने शिकायत की पुलिस में शिकायत दर्ज की पुकीस रेकॉर्ड ले गयी लेकिन अभी तक दर्ज न की हाँ लीपापोती के लिये बैंक स्टाफ निलम्बित कर दिया जो वापिस आ जायेगा ऐसा बैंक का इतिहास रहा है
आर बी आई ने भी कोई कारवाई नहीँ की
कौन करेगा सुनवायी और गिरफ्तार करेगा मुजरिम को ?
जितेंद्र पाल – tennews. in

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