नोएडा : कंफ्यूजन में है आरडब्लयूए, डीएम से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग

Abhishek Sharma

पूरे विश्व में कोरोना वायरस ने हाहाकार मचा रखा है। भारत में भी कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 40 हजार के पार पहुंच गया है जो कि बेहद चिंतनीय विषय है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने पूरे देश में 17 मई तक लॉक डाउन बढ़ा दिया है। हालांकि लॉक डाउन के तीसरे चरण में पूरे देश में कई प्रकार की छूट दी गई है।

वहीं नोएडा की बात करें तो यहां पर भी लॉक डाउन में छूट दी गई हैं , लेकिन आरडब्ल्यूए के सदस्यों का कहना है कि उनके लिए अभी तक गृह मंत्रालय है या स्थानीय प्रशासन की तरफ से कोई भी गाइडलाइन जारी नहीं हुई है। जिसके चलते शहर की आरडब्ल्यूए कंफ्यूज है कि किस सेक्टर के अंदर कौन सी सुविधाओं पर छूट दी गई है।

जनशक्ति सेवा समिति के उपाध्यक्ष ब्रिगेडियर अशोक हाक का कहना है कि देश में लाॅक डाउन की अवधि 17 मई तक बढ़ाई गई है। जिले में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए रेड, ऑरेंज व ग्रीन जोन में शहर को विभाजित किया गया है।

उनका कहना है कि प्रत्येक विशिष्ट क्षेत्र के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करने बेहद जरूरी हैं। यहां की आरडब्ल्यूए को प्रशासन की तरफ से अभी तक स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं मिले हैं। जिसके चलते लोग कन्फ्यूजन में हैं

उनका कहना है कि गौतम बुद्ध नगर के जिलाधिकारी सेक्टर सोसाइटी में आवागमन पर प्रतिबंध, समय के साथ दुकानें खोलना, नौकरानियों का प्रवेश, सहायकों, बिजली के लिए रखरखाव कर्मचारी, प्लंबिंग, सीवर, पंखे, एसी, इनवर्टर, आरओ, मेड इमरजेंसी, एक ग्रीन जोन से दूसरे में आवागमन, कोरियर, ऑनलाइन डिलीवरी आदि के लिए स्पष्ट निर्देश जारी करें।

ब्रिगेडियर अशोक हाक का कहना है कि जिलाधिकारी द्वारा संभवत सभी आकस्मिकताओं को कवर किया जाना चाहिए। दिशानिर्देश तैयार करने से पहले फोनरवा, कोनरवा, नोफा, नोवरा, जनशक्ति सेवा समिति, डीडीआरडब्ल्यूए से परामर्श जरूर करना चाहिए, ताकि नए विचार निकलकर सामने आ सकें।

उनका कहना है कि जिलाधिकारी द्वारा आरडब्लूए, अपार्टमेंट ओनर एसोसिएशन जैसी संस्थाओं के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी होते हैं, तो उससे निश्चित ही सेक्टर, सोसाइटी में लोग विवाद से बच सकेंगे।

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