जिला विद्यालय निरीक्षक पर लगा पैसों की एवज में मान्यता दिलाने का आरोप

Abhishek Sharma / Baidyanath Halder

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Greater Noida (27/05/19) : शिक्षा अधिकार आंदोलन ने आज जिला विद्यालय निरीक्षक पर स्कूलों के साथ मिलने और उन्हें मान्यता दिलाकर उनसे पैसे वसूलने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जिला विद्यालय निरीक्षक ने सरकार के आदेशों को दरकिनार करते हुए स्कूलों को अनुमोदन दे दिया है, जबकि सरकारी आदेशों के अनुसार स्कूलों को अनुमोदन देने के लिए जब तक सरकारी आदेश नहीं आते हैं, तब तक किसी को अनुमोदन नहीं दिया जा सकता।

शिक्षा अधिकार आंदोलन के अध्यक्ष एके सिंह ने बताया कि मेरे दफ्तर में बिना नाम का एक पत्र मुझे प्राप्त हुआ, चूँकि मैं शिक्षा अधिकार आंदोलन चलाता हूँ। उस पत्र में लिखा हुआ था कि जिला विद्यालय निरीक्षक पैसों की एवज में स्कूलों को अनुमोदन प्रदान कर रहे हैं।



जब कोई भी नया स्कूल खुलता है तो उसे सीबीएसई की ओर से मान्यता लेनी होती है। जिस के लिए राज्य सरकार से अनुमोदन जारी होता है। यह जारी होने के बाद जिला स्कूल निरीक्षक इस अनुमोदन को स्कूलों को फॉरवर्ड करते हैं । अनुमोदन की कॉपी लगाकर स्कूल सीबीएसई से मान्यता लेते हैं।

31 जनवरी 2019 को सरकार का एक आर्डर आया था, जिसमें किसी भी नए स्कूल को अभी एनओसी जारी न की जाए। एनओसी जारी करने के लिए सरकारी आदेश मिलेगा। जिसके बाद ही डीआईओएस अपना अनुमोदन दे सकते है।  इसके बाद ही स्कूलों को मान्यता प्रदान की जाती है।

उन्होंने बताया कि उस आर्डर को दरकिनार करते हुए बिना एनओसी के जिला विद्यालय निरीक्षक ने कुछ स्कूलों को अनुमोदन दे दिया जो कि नियमों के विपरीत है। इसी की जांच को लेकर आज स्कूल शिक्षा अधिकार आंदोलन के अध्यक्ष एके सिंह अपने साथियों के साथ डीएम बीएन सिंह से मिले और उन्हें मामले के बारे में अगवत कराया। डीएम ने ज्ञापन में कमी होने के चलते फिर से सौंपने की सलाह दी और साथ यह भी कहा कि यह मामला मेरे संज्ञान में हैं। इस पर जांच के आदेश दे दिए गए और जांच चल रही है।

वहीं जिला स्कूल निरीक्षक गौतमबुद्धनगर प्रवीण कुमार उपाध्याय का कहना है कि ये सभी आरोप निराधार हैं। फ्लोरेंस इंटरनेशनल स्कूल के पास आठवीं कक्षा तक की मान्यता है। जिसके आधार पर उनके डॉक्यूमेंट अग्रसारण किए गए हैं। स्कूल चलाने के लिए एनओसी या मान्यता होनी जरुरी होती है।

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