पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के भाई के नाम से फेसबुक पर फर्जी म अकाउंट बनाकर मांगे जा रहे पैसे

ABHISHEK SHARMA

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Greatern Noida : बसपा सुप्रीमो और गौतमबुद्धनगर जिले की निवासी मायावती के भाई और बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनन्द कुमार के नाम पर फेसबुक पर फर्जी पेज बनाकर पार्टी कार्यकर्ताओं से पैसे की मांग की जा रही है। मैसेंजर पर संदेश भेजकर वकील का बैंक खाता बताते हुए एक खाते में कम से कम पांच लाख रुपये जमा कराने के लिए कहा जा रहा है।

संदेश में लिखा जा रहा है कि वह इनकम टैक्स और अन्य जांचों के चलते अपने खातों से पैसा नहीं निकाल पा रहे हैं, उनके वकील के खाते में यह पैसा डलवा दें। अनेक पार्टी कार्यकर्ताओं के पास यह संदेश भेजा गया है। इसके बाद बसपा नेताओं ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से अपील की है कि वह इस फर्जीवाड़े में न फंसे और पैसे जमा न कराएं। बसपा के राष्ट्रीय उपाध्ययक्ष आनन्द कुमार बीएसपी के नाम से फेसबुक पर बनाए गए।

इस फर्जी पेज पर प्रोफाइल में आनन्द और बसपा सुप्रीमो मायावती के एक सोफे पर बैठे फोटो को लगाया गया है और पीछे मंच का फोटो है, जिसमें बसपा सुप्रीमो के भतीजे आकाश भी हैं। आरोप है कि इस फेसबुक पेज के मैसेंजर से पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को मैसेज भेजे गए हैं। इसमें संबोधन के बाद भेजे गए मैसेज में कहा जा रहा है कि नोएडा प्रकरण के बाद सारी जांच एजेंसी उनके पीछे हैं और उनकी संपति पर जांच एजेंसियों की नजर है जिसको लेकर कानूनी लड़ाई लड़ी जा रही है। मैं अपने अकाउंट से लेन-देन नहीं कर सकता, जिस पर इनकम टैक्स ने रोक लगा रखी है, क्या आप से कुछ फाइनेंशियल मदद मिल सकती है।

आप वकील के बैंक खाते में कम से कम पांच लाख रुपये जमा करा दें। इसके बाद बैंक खाते की पूरी डिटेल भी मैसेज में डाली गई है। इस मैसेज के आने के बाद पार्टी के ही कुछ नेताओं द्वारा सोशल मीडिया पर इसके फोटो डालकर कहा जा रहा है कि यह पेज फर्जी है और कोई इसके बहकावे में न आएं।

बसपा के प्रदेश अध्यक्ष मुनकाद अली ने कहा कि यह पार्टी को बदनाम करने की साजिश है। इसके बारे में वह पार्टी हाईकमान को पूरी सूचना दे रहे हैं। यह पूरी तरह से फर्जी है। जिसके बहकावे में पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता नहीं आए। इस मामले में दोषियों का पता कर कार्रवाई कराई जाएगी।
एसएसपी वैभव कृष्ण ने कहा कि इस मामले में अभी तक उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है। यदि किसी के द्वारा तहरीर दी जाती है तो इस मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

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