कश्मीर से आए खुर्शीद भाटी ने कुषाणों का गुर्जरों से संबंध होने का किया खंडन
ABHISHEK SHARMA / BAIDYANATH HALDER
Greater Noida (13/09/19) : ग्रेटर नोएडा स्थित प्रेस क्लब में आज अखिल भारतीय वीर गुर्जर महासभा द्वारा एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। जिसमे जम्मू-कश्मीर के पुंछ जनपद से आए इतिहासकार चौधरी खुर्शीद भाटी ने बताया कि जम्मू कश्मीर से केंद्र सरकार द्वारा धारा 370 व 35ए हटाए जाने का समस्त गुर्जर समाज स्वागत करता है।
इस मुद्दे को लेकर जम्मू कश्मीर का गुर्जर समाज पिछले लंबे समय से मांग कर रहा था जो की मांग अब जाकर पूरी हुई है। सही मायने में जम्मू कश्मीर के गुर्जर समाज को अब जाकर आजादी मिली है। केंद्र सरकार का यह निर्णय स्वागत योग्य है। अब जम्मू कश्मीर का गुर्जर समाज तरक्की के रास्ते पर जाएगा।
इस मौके पर उन्होंने अपनी किताब का भी अनावरण किया, जिसका शीर्षक “एक अघटित को इतिहास बनाने का छल को आवश्यकता” है। स्पष्टीकरण के बल की गुर्जरों का संपूर्ण इतिहास खंड 1 इस किताब में है। उन्होंने बताया है कि कुछ तथाकथित लोग समाज को भ्रमित कर रहे हैं यह लोग कुषाण व हूणो से गुर्जरों की उत्पत्ति बता रहे हैं, जो की पूरी तरह से गलत है।
भारत के मूल तत्व में गुर्जर है ना कि उनकी उत्पत्ति विदेशी आक्रांता हूणो और कुषाणों से हैं। कसाना गुर्जर है और कुषाण तुर्क है, इन दोनों का आपस में कोई संबंध नहीं है। चौधरी खुर्शीद भाटी ने समस्त गुर्जर समाज से अपील की है कि इन लोगों के बहकावे में ना आएं और अपने इतिहास को समझें और विकास की ओर अग्रसर हो।
इस प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से राष्ट्रीय संरक्षक नरेंद्र गुर्जर, राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग गुर्जर, रुपेश डेढा ,श्याम सिंह भाटी गौरव तंवर ,विकास भनोता ,तेजा गुर्जर ,सतीश बैसला ,यशपाल भाटी ,अन्नू भाटी ,विपिन बैसला आदि लोग उपस्थित रहे
