वित्तीय वर्ष 2019-20 में 1 लाख रुपए से अधिक के ऋणों की मंजूरी के साथ पीएफसी ने किया मजबूत वित्तीय प्रदर्शन

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नई दिल्ली, 25 जून 2020ः पावर सेक्टर पर ध्यान केंद्रित करने वाली और सरकारी स्वामित्व वाली प्रमुख एनबीएफसी पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) ने कोविड- 19 के प्रकोप के कारण उत्पन्न अनेक चुनौतियों के बावजूद वित्तीय वर्ष 2019-20 (अप्रैल-मार्च) में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन किया।

ऋण देने वाली इस संस्था ने पिछले वित्तीय वर्ष में लगभग 68,000 करोड़ रुपए के ऋण संवितरण के साथ 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक के ऋणों की मंजूरी के साथ बेहतर वित्तीय प्रदर्शन दिया। कोविड- 19 के फैलाव को रोकने के लिए लागू देशव्यापी लाॅकडाउन के बावजूद मार्च 2020 के अंतिम सप्ताह में 11,000 करोड़ रुपए का संवितरण किया गया, जो इस वर्ष की उल्लेखनीय उपलब्धि कही जा सकती है। कंपनी के मजबूत आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर के कारण पीएफसी के कर्मचारियों ने वर्क फ्राॅम होम माॅडल को अपनाते हुए बड़े पैमाने पर संवितरण के इस कार्य को संभव बनाया।

वर्ष के दौरान पीएफसी ने अपने स्टैंडअलोन राजस्व में 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जबकि उसने फंड की लागत में 16 बीपीएस की कमी दर्ज की। कंपनी का शुद्ध एनपीए 4.55 प्रतिशत से घटकर 3.8 प्रतिशत हो गया, जो कंपनी के मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता है। इसके अलावा, कंपनी ने अपने लोन एसेट्स में 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, फंड की लागत में 16 प्रतिशत बीपीएस की कमी, और ब्याज दर में 16 बीपीएस की वृद्धि हुई। इसके अलावा, वित्त वर्ष के दौरान, पीएफसी ने 2,700 करोड़ रुपए की लागत वाली दो तनावग्रस्त परियोजनाओं का समाधान किया- रतनइंडिया अमरावती और जीएमआर छत्तीसगढ़।

चुनौतीपूर्ण वातावरण के बावजूद, सालाना आधार पर शुद्ध लाभ तुलनीय है, जो वित्त वर्ष 2019 में 6953 करोड़ रुपए की तुलना में वित्त वर्ष 2020 में 6788 करोड़ रुपए रहा, कॉर्पोरेट टैक्स दर में बदलाव के कारण डीटीए के एक बार के प्रभाव को छोड़कर। वित्त वर्ष 20 के पिछले 45 दिनों में असाधारण विनिमय दर में 6 प्रतिशत की भिन्नता के कारण भी लाभ प्रभावित हुआ है।

वित्त वर्ष 2019-20 (समेकित आधार) के वित्तीय मुख्य आकर्षण में शामिल हैं- 15 प्रतिशत राजस्व वृद्धि, 12 प्रतिशत ऋण परिसंपत्ति विकास, शुद्ध एनपीए 4.20 प्रतिशत से घटकर 3.57 प्रतिशत हो गया।

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