नोएडा-दिल्ली सीमा को लेकर योगी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दिया यह जवाब

Abhishek Sharma

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उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए उसे गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद से दिल्ली की यात्रा पर जरूरी सेवाओं को छोड़कर कर प्र​तिबंध आगे भी जारी रखना होगा, क्योंकि​ दिल्ली में कोरोना वायरस के मामले गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद से 40 गुना हैं।

जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की सीमाओं पर जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए बीते गुरुवार को केंद्र सरकार से दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के अधिकारियों के एक बैठक बुलाने का निर्देश दिया था।

कोर्ट ने सरकार को दिल्ली और पड़ोसी राज्यों हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच अंतर-राज्य परिवहन की अनुमति देने के संबंध में एक सिंगल पास जारी करने पर आम सहमति बनाने का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा कि इस संबंध में एक सप्ताह के भीतर निर्णय लिया जाए।

दरअसल, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में रहने वालों को बॉर्डर पार करने में हो रही परेशानी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से तीनों राज्यों – दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मिलकर इसका उचित समाधान तलाशने को कहा था।

इसका कारण यह था कि लॉकडाउन खुलने के बाद भी दिल्ली को कोरोना कैरियर मानते हुए हरियाणा और उत्तर प्रदेश ने दिल्ली से सटी अपनी सीमाओं को सील कर दिया था। हालांकि, कुछ समय बाद हरियाणा ने अपने बॉर्डर खोल दिए थे, लेकिन उत्तर प्रदेश की सीमाओं पर सख्ती अब भी बरकरार है।

इसके चलते इन एनसीआर के जिलों में नौकरी करने वाले लोगों को बॉर्डर पार करने में भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है।

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