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नोएडा : जिला अस्पताल में गर्भवती महिला से प्रसव कराने के नाम पर मांगे 2500 रुपये, 5 कर्मियों पर हुई कार्यवाही

Ten News Network

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नोएडा :– नोएडा के जिला अस्पताल से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां पर एक महिला से बच्चे की डिलीवरी कराने के नाम पर अस्पताल की पांच महिला कर्मियों ने 2500 रुपय मांगे थे। जिसके बाद मामला प्रशासन के पास पहुंचा।

 

अब प्रशासन द्वारा जिला अस्पताल में प्रसव कराने के लिए 2500 रुपये मांगने वाली पांच महिला कर्मियों को नोटिस जारी किया गया है। जांच में दोषी पाए जाने के बाद पांचों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

 

बताते चलें कि, पांचों पर लेबर रूम को रोकने और पैसे लेकर प्रसव कराने का आरोप लगा था। बृहस्पतिवार को पैसे देकर प्रसव कराने के बाद महिला के पति ने इसकी शिकायत अस्पताल के अधिकारियों से की थी।

 

सीएमएस ने मामले में जांच कराई थी। बृहस्पतिवार को लेबर पेन होने पर महिला को लेकर पति जिला अस्पताल पहुंचा था। पत्नी को दाखिल करने के लिए प्रक्रिया शुरू की।

 

गर्भवती महिला के परिजनों का आरोप है कि वार्ड और अन्य महिला कर्मियों ने लेबर रूम के गेट पर गर्भवती को रोक लिया। कर्मचारियों ने महिला के पति से प्रसव कराने के लिए 2500 रुपये की मांग की। महिला के पति ने जब सरकारी अस्पताल में सब कुछ निशुल्क होने की बात कही,

 

तो महिला कर्मियों ने कहा कि प्रसव कराना है तो पैसे देने होंगे। जब इसका विरोध महिला के पति ने किया तो विरोध करने पर कर्मियों ने गर्भवती को बाहर जाने को कहा। जिसके बाद वह गर्भवती महिला और उसके पति महिला कर्मियों से हाथ जोड़कर प्रसव कराने की गुहार लगाते रहे। पत्नी को तड़पता देख पति ने 2500 रुपये दे दिए।

डिलीवरी कराने के बाद पीड़ित पति ने सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल से इस मामले की शिकायत की। जिसके बाद सीएमएस ने प्रकरण की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी। कमेटी ने जांच की तो दो स्टाफ नर्स, संविदा पर तैनात एक वार्ड, एक स्थायी स्टाफ नर्स और सफाई कर्मचारी को दोषी पाया।

 

जिसके बाद शनिवार को इन सभी को नोटिस जारी कर दिए गया है। संविदा पर तैनात कर्मचारियों को बाहर करने का नोटिस एजेंसी को दिया गया है। जबकि स्टाफ नर्स पर कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग और जिलाधिकारी को भी पत्र लिखा गया है।

 

डॉ. रेनू अग्रवाल ने कहा कि अस्पताल में पर्ची के बाद सभी व्यवस्था निशुल्क है। इस तरह का व्यवहार करने वाले अस्पताल के कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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