कोरोना के प्रकोप को देखते हुए उठी साप्ताहिक बाजार बंद करने की मांग

Pravendra Kumar Singh / Photo & Video By Baidyanath Halder

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Greater Noida (21/03/2020) : चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ कोरोना आज विश्व में फ़ैल चुका है। कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में चीन, इटली, ईरान हैं। वहीं, ये देश तेज़ी के साथ कोरोना वायरस से उभरने का दावा भी कर रहे हैं। वहीं, इन सब देशों के बाद कोरोना वायरस ने भारत को भी अपनी चपेट में ले लिया है। भारत ने भी कोरोना से लड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने 22 मार्च रविवार के दिन पूरे देश से “जनता कर्फ्यू” रखने की अपील की है।

जहां एक तरफ गौतम बुद्ध नगर में धारा 144 लागू कर दी है। जिसके चलते  नोएडा, ग्रेटर नोएडा के सभी स्कूल, कॉलेज, मॉल बंद हो चुके हैं। कंपनियों ने वर्क फ्रॉम होम की सुविधा अथवा कर्मचारियों की छुट्टी कर दी है।

अब इन सब के बीच ग्रेटर नोएडा के लोगों ने मांग उठाई है कि यहां लगने वाले साप्ताहिक बाज़ारों को भी बंद करा दिया जाना चाहिए। क्योंकि साप्ताहिक बाजारों में भी बड़ी तादाद में भीड़ जुटती है। ऐसे में लोगों को एक दूसरे से खतरा हो सकता है।

ग्रेटर नोएडा के निवासी एवं इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रिय सचिव एसपी शर्मा का कहना है कि जब सरकार लोगों को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से  माना कर रही है, देश के प्रधानमंत्री लोगों से घर से न निकलने की अपील कर रहे हैं, ऐसे में ग्रेटर नोएडा में लगने वाले साप्ताहिक बाजार अब तक बंद क्यों नहीं कराए गए हैं।

उनका कहना है कि गौतमबुद्धनगर में धारा-144 लगी हुई है और कोरोना का प्रकोप भी चल रहा है और देश के प्रधानमंत्री ने भी ‘जनता कर्फ्यू’ की मांग की है, तो ग्रेटर नोएडा के विभ्भिन सेक्टरों में लगने वाले साप्ताहिक बाज़ारों का लगने का क्या मतलब है, जहाँ बड़ी संख्या में एक साथ हज़ारों गरीब क्रेता और विक्रेता जुटते हैं। सभी साप्ताहिक बाज़ारों में दुकानदार एक दूसरे के काफी नजदीक बैठते हैं। जिससे कोरोना का खतरा और भी बढ़ जाता है। उन्होंने मांग की है कि इन साप्ताहिक बाज़ारों को तुरंत बंद करा देना चाहिए।

ज़िलाधिकारी महोदय ने बताया कि प्राधिकरण को साफ़ सफ़ाई और …. सोशल डिस्टन्सिंग के लिए सूचित किया है .. अभी मार्केट / साप्ताहिक मार्केट बंद करने का कोई ऑर्डर जारी नहीं किया है.

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