फ्लैट ख़रीदारों का बयान , घर तो मिला , लेकिन सुविधाएं कुछ भी नही , घर है लेकिन मालिकाना हक नही

ROHIT SHARMA

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ग्रेटर नोएडा :– आसमान से गिरा खजूर में अटका एक प्रचलित हिंदी मुहावरा है। जिसका अर्थ है- एक मुसीबत से निकलकर दूसरी मुसीबत में फंस जाना । ये मुहावरा फ्लैट ख़रीदारों पर सटीक बैठता है , जिनको फ्लैट तो मिल गया , लेकिन मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं है।

 

टेन न्यूज़ से उन फ्लैट बायर्स ने बातचीत की , जिनको फ्लैट मिल गया , लेकिन उन्हें मूलभूत सुविधाएं नही मिल रही है। खासबात यह है कि ये सभी बायर्स इसलिए सन्तुष्ट है की उन्हें घर मिल चुका है , लेकिन उन्हें यह भी पता है की इस घर का मालिकाना हक अभी नही मिला है ।

https://www.youtube.com/watch?v=JKGT_OzGx5U&feature=youtu.be

 

न तो मालिकाना हक , न ही सड़क , पानी , बिजली , सिर्फ एक चार दिवारी जो एक फ्लैट है जिसकी कीमत लाखों रुपये की है , लेकिन उसका मेंटेनेंस हर महीनें बायर्स द्वारा भुगतान देना होता है , सुविधाएं कुछ भी नही।

 

 

बायर्स का कहना है कि फ्लैट मिला , लेकिन सुविधा कुछ भी नही । हर शनिवार और रविवार में सभी बायर्स प्रदर्शन करते है , लेकिन बिल्डर पर कोई प्रभाव नही पड़ता। बिल्डर से बात करते है तो उनका जवाब सिर्फ आश्वासन में ही रह जाता है ।

 

बायर्स का कहना है कि आसमान से टपके खजूर पर अटके , मतलब घर है , लेकिन मालिकाना हक नही है , क्योंकि रजिस्ट्री नही है । अगर कोई भी व्यक्ति अपने घर पर लोन लेने की सोचता है , तो उसे लोन नही मिलेगा।

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