आजमगढ़ के डीएम एन पीं  सिंह ने “कोरोना और लॉकडाउन पहलू पर दी नई दिशा  – टेन न्यूज़ लाइव  में कही मन की बात

Rohit Sharma

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नई दिल्ली :– पूरे देश में कोरोना वायरस महामारी का प्रकोप है।  देश में लगातार पूर्णा संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। आपको बता दे कि सरकारी आंकड़ें के अनुसार, अभी तक एक लाख 32 हज़ार से ज्यादा कोविड-19 के मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से करीब 55000 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं जबकि 4 हज़ार लोगों की इस जानलेवा वायरस ने जान ले ली है। आपको बता दे कि देश में लॉकडाउन 4.0 चल रहा है, जो 31 मई तक लागू किया गया है।

उत्तर प्रदेश के जिले गौतमबुद्ध नगर के साथ साथ बहुत से जिले है जहाँ कोरोना का कहर जारी है। वही गौतमबुद्ध नगर की बात करे तो अब तक 345 मरीज कोरोना से संक्रमित हो चुके है। जिसको लेकर जिला प्रशासन , स्वास्थ्य विभाग , विधायक समेत सांसद अपनी नज़र बनाए हुए है। वहीं इस संख्या में गिरावट को लेकर सभी मंथन कर रहे है।

इस लॉकडाउन में टेन न्यूज़ नेटवर्क वेबिनार के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहा है , साथ ही लोगों के मन में चल रहे सवालों के जवाब विशेषज्ञों द्वारा दिया जा रहा है। आपको बता दे की टेन न्यूज़ नेटवर्क ने “मन की बात” कार्यक्रम शुरू किया है , जो टेन न्यूज़ नेटवर्क के यूट्यूब और फेसबुक पर लाइव किया जाता है।

वही इस “मन की बात” कार्यक्रम में गौतमबुद्ध नगर के पूर्व डीएम एवं वर्तमान में आजमगढ़ के डीएम एनपी सिंह ने हिस्सा लिया , साथ ही इस कार्यक्रम के माध्यम से आजमगढ़ समेत गौतमबुद्ध नगर की जनता को महामारी के प्रति जागरूक किया गया। डीएम एनपी सिंह ने इस कार्यक्रम में एक विशेष बात पर जोर दिया , जिसमे उन्होंने कहा की प्रवासी मजदूरों की मदद करे , साथ ही कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे, इस पर जरूर ध्यान दे । साथ ही जागरूकता के साथ काम करे । इस कार्यक्रम का संचालक नोएडा के समाजसेवक डॉ अतुल चौधरी ने किया , साथ ही इस कार्यक्रम में मशहूर लेखक , गायक , गीतकार एवं मंच संचालक दीपक श्रीवास्तव भी शामिल रहे |

नोएडा के समाजसेवक डॉ अतुल चौधरी ने कार्यक्रम की शुरुआत शेयर अंदाज तरिके से किया | साथ ही उन्होंने कहा की डीएम एनपी सिंह को गौतमबुद्ध नगर की जनता याद करती है | डॉ अतुल चौधरी ने आजमगढ़ के डीएम एनपी सिंह से जबरदस्त प्रश्न किए , जिसका जवाब हर किसी व्यक्ति को चाहिए था | जी हाँ उन्होंने डीएम एनपी सिंह से ;पुछा की आखिर जब कोरोना की शुरुआत हमारे देश में शुरू हुई थी , तो उस समय जो लोग विदेश से आ रहे थे , उनका डाटा सरकार के पास क्यों नहीं था | अगर सरकार उस डाटा पर काम करती तो ये महामारी हमारे देश में फैलने से रुक सकती थी | डॉ अतुल चौधरी ने डीएम आजमगढ़ से कोरोना महामारी के कारण पलायन कर रहे मजदूरों के बारे में पूछा की उनके जिले में क्या व्यवस्था है , जिससे वो फिर से अपना रोजगार कर सके , साथ ही उन्होंने एक से बढ़कर एक प्रश्न पूछे , जो प्रश्न लोगों के मन में बैठा रहता है |

इस कार्यक्रम के सह संचालक दीपक श्रीवास्तव ने कहा की जब 100 मरीज थे , तब पूर्ण लॉकडाउन किया , लेकिन अब सवा लाख से ज्यादा कोरोना के मरीज आ चुके है , जिसको लेकर सरकार ने सर्शत तरीके से लॉकडाउन में छूट दे दी , क्या ये बिल्कुल सही था | साथ ही उन्होंने कहा की सरकार को लॉकडाउन में कोई राहत नहीं देना था , जिससे कोरोना की चैन टूट सकती थी | जब मोदी के साथ देश की जनता खड़ी थी तो 2 महीने तक पूर्ण लॉकडाउन कर सकते थे | दीपक श्रीवास्तव ने कहा की पुरानी परंपरा को लेकर कहा की आज देश फिर से पुरानी परंपरा को अजमा रहे है | आपको बता दे की दीपक श्रीवास्तव ने आजमगढ़ के डीएम से कोरोना से जुड़े तमाम प्रश्न पूछे , जिसका जवाब एनपी सिंह ने दिया |

आपको बता दे कि लॉकडाउन के बीच जरूरतमंदों को परेशानी ना हो इसके मद्देनजर सभी जिलाधिकारी अपने अपने जिलों में एक्टिव नजर आ रहे हैं | इस कड़ी में आजमगढ़ के डीएम एनपी सिंह की बात करें तो वह अपने जिले के अलावा भी लोगों की मदद करते नजर आ रहे हैं | खासबात यह है की एनपी सिंह तेजतर्रार डीएम माने जाते है , उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में महत्वपूर्ण कार्य कर चुके है , जिसको लेकर लोगों के मन में उनकी छवि काफी ज्यादा सराहनीय है |

सोशल मीडिया से लेकर जमीन तक पूरी तरह एक्टिव नजर आ रहे हैं , यही कारण है कि लोग जमकर उन्हें सोशल मीडिया पर बधाई दे रहे हैं | आजमगढ़ के डीएम एनपी सिंह ने अपने जिले में सभी गरीब परिवारों को सूखा राशन उपलब्ध करा चुके हैं , जिसमें 15 दिन का आटा , चावल , दाल , तेल और मसाले होते हैं | इसके अलावा शहर में करीब हज़ारों लोगों को भोजन का पैकेट दिया जा रहा है |

मुख्यमंत्री योगी की कोई भूखा ना सोएगा मुहिम को जिला अधिकारी एनपी सिंह बखूबी आगे बढ़ा रहे है | साथ ही डीएम एनपी सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारीयों समेत वहाँ के रहने वाले निवासियों से संवाद भी करते हैं |

इसके अलावा आजमगढ़ के सभी एनजीओ के साथ-साथ शहर के सभी एक्टिव मेंबर्स के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं | वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समेत मौके पर जाकर वह लोगों से उनके इलाकों में हो रही समस्याओं के बारे में निस्तारण करने के लिए अधिकारीयों को निर्देश देते है , साथ ही तत्काल प्रभाव से उस समस्या का समाधान करवाते है |

डीएम एनपी सिंह ने कहा कि कोरोना आपदा एक वैश्विक आपदा है। हमारी केंद्र और प्रदेश की सरकारें इस वैश्विक आपदा की स्थिति में पूरी तत्परता के साथ इससे निपटने का कार्य कर रही हैं। साथ ही जन सेवा कार्य में भी लगी हुई है। इस महामारी का कोई इलाज नहीं है। इससे सावधानी ही एक मात्र उपाय है, जिसके लिए हमें खुद के साथ लोगों को भी जागरूक करना होगा।

उन्होंने कहा कि मैं आज इस कार्यक्रम के माध्यम से सभी लोगों से कहना चाहता हूं कि देश के प्रधानमंत्री ने सही समय पर लाॅक डाउन कर निर्णय लिया, क्योंकि जो हालात इटली, ईरान और अमेरिका में हो गए थे, उसके लिए लॉक डाउन ही एक विकल्प है। खास बात यह है कि यह सभी देश स्वास्थ्य सेवाओं में भारत से कहीं आगे हैं। जब यह देखा गया कि हमारे देश में स्वास्थ्य का उतना बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है, हमारे प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता काम आई।

एनपी सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सोशल डिस्टेंस को लागू करने के लिए लॉक डाउन की घोषणा की और आज हम लॉक डाउन के चौथे चरण में हैं, लेकिन जहां तक मैं समझता हूं कि अभी हमें आने वाले कुछ दिन या कुछ महीने और इसी तरीके से सोशल एवं फिजिकल डिस्टेंस बनाकर रहना पड़ेगा।  उन्होंने कहा की में लोगों से अपील करता हूं कि जो जहां है, वही रहेंं, घर से बिल्कुल बाहर ना निकले। आज हमें अपने साथ साथ अपने पड़ोसियों का भी ध्यान रखना पड़ेगा। अगर पड़ोसी को संक्रमण हो गया तो वह पूरी कॉलोनी में फैल सकता है। इन बातों का हमें विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस कोरोना महामारी में हमारा देश और देशों से बेहतर स्तिथि में है | आज हमारे देश की धारणा को विदेश अपना रहे है | जिस देशों में सुविधा की भरमार है वो भी कोरोना की चपेट में है , साथ ही कोरोना के मरीजों की संख्या भी बहुत अधिक है | आज के समय में हमारे देश का प्रभाव सभी देशों पर है |

डीएम एनपी सिंह ने कहा की कोरोना जैसी महामारी जैसी विपत्ति हमारे देश पर आएगी, इसकी किसी को भनक ही नहीं थी। इसके बावजूद दिसंबर में चीन के वुहान में इस संक्रमण के फैलने के एक माह बाद ही भारत में पहला व्‍यक्ति संक्रमित मिला था। तभी हमारी सरकार इस संक्रमण को लेकर सतर्क हो गई थी। उस समय हमारे पास कोरोना की टेस्टिंग की एक मात्र लैब थी, लेकिन अब इस महामारी के पैर फैलाते ही इतने कम समय में अनेक लैब बन चुकी हैं।

हमारे पास मास्‍क बनाने की एक फैक्ट्री नहीं थी, लेकिन इतने दिनों में सैकड़ों की संख्‍या में देश में कंपनियां मास्‍क तैयार कर रही हैं। इस संकट में हम पीपीई, वेंटिलेटर आदि का निर्माण भी कर रहे हैं। आज के समय में हमारे पास एक लाख से ज्यादा वेंटिलेटर है, साथ ही कोरोना के मरीजों के लिए 3 लाख से ज्यादा बेड़ हमारे पास है। इस लॉकडाउन में हमारी उत्तर प्रदेश सरकार समेत केंद्र सरकार अनेक तैयारियां कर चुकी है। अब देश के वैज्ञानिक का ध्यान सिर्फ वैक्सीन पर है।

डीएम एनपी सिंह ने कहा की इस कोरोना वायरस से शुरू में संक्रमित हुए लोगों का डाटा किसी भी देश की सरकार के पास नही था , आज इस बीमारी से विकसित देश गुजर रहे है । कोरोना वायरस अदर्श शत्रु के रूप में आया है । लॉकडाउन में हमारे देश ने कोरोना से लड़ने के लिए अपनी तैयारियां की है । देश में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर काम शुरू हो चुका है , बहुत तेजी से काम हो रहा है ।  साथ ही उन्होंने कहा की हमारे जिले में 95000 मजदूर काम कर रहे है।

डीएम एनपी सिंह ने कहा की जिस तरह प्रवासी मजदूर अपने घर के लिए पलायन कर रहे है , जिसके कारण बहुत सी परेशानिया उतपन्न होगी | उन्होंने कहा की इस लॉकडाउन में मजदूरों का उधमियो को साथ देना चाहिए था , जिससे मजदूर पलायन करने से बचता । हमारे देश में मजदूरों को सम्मान दिया जाए , क्योकि उन्होंने मेहनत करके हमारे शहर को बसाया है |

डीएम एनपी सिंह ने कहा की लॉकडाउन अंतरिम इलाज नही है , आचरण में सुधार करने की जरूरत है । हम अपने पुराने आचरण पर काम करे तो आपका स्वास्थ्य बेहतर होगा । लड़ेंगे – बढ़ेंगे के साथ साथ स्लोगन पर काम करना पड़ेगा ।

इस महमारी के बारे में पाठयक्रम में होना चाहिए ,  जिससे लोगों के मन मे बैठ सके । उन्होंने कहा की रूरल स्कीम व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए , वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट पर ज्यादा देना चाहिए , जिससे सभी को रोजगार मिलेगा , साथ ही हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी ।  शिक्षा और हेल्थ विषय मे काम करने की जरूरत है । पुरानी परंपरा को छोड़कर नई परंपरा अपन्ना रहे थे  , जिससे लोग पुरानी सभ्यता भूल चुके है ।

साथ ही उन्होंने कहा की आजमगढ़ जिले में बहुत सी संस्थाए है जो इस महामारी में गरीबों की मदद कर रही है , जो बहुत ही सराहनीय कार्य है | आज के समय में युवा जोश के साथ काम कर रहे है , साथ ही लोगों को जागरूक कर रहे है |

डीएम एनपी सिंह ने बताया कि प्रवासी श्रमिकों के लिए  उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से एक प्रवासी मित्र एप तैयार किया गया है। इनका सारा डेटा इस ऐप पर अपलोड किया जा रहा है | सरकार ने जब देश के विभिन्न प्रांतों में रहने वाले प्रवासी श्रमिकों और व्यक्तियों को उनके घर तक पहुंचाने का निर्णय लिया तो हजारों प्रवासी श्रमिकों और व्यक्तियों ने पंजीकरण कराया। सरकार ने इनको घर तक पहुंचाने के लिए ट्रेनों और बसों का संचालन शुरू हो चूका है ।

डीएम एनपी सिंह ने बताया कि एक मई से 22 मई के बीच पंजीकरण कराकर ट्रेन और बस से जनपद आने वाले यात्रियों की संख्या 60127 है। इसके अलावा इस बीच बिना पंजीकरण के लगभग 45000 लोग निजी साधनों या पैदल घर पहुंचे। ऐसे लोगों की सूची लेखपालों द्वारा तैयार की गई है। सभी का पहले रेलवे और बस स्टेशन पर थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद उन्हें शेल्टर होम ले जाया गया जहां उनकी फिर जांच की गई और राशन किट देकर उन्हें होम क्वारंटीन के लिए भेज दिया गया।

डीएम एनपी सिंह ने कहा कि एक मई से पहले 20 मार्च से 3 अप्रैल के बीच लाक डाउन के दौरान लगभग 21000 प्रवासी श्रमिक और व्यक्ति खुद के संसाधनों से जनपद आए हैं। जिसकी रिपोर्ट लेखपालों द्वारा तैयार की गई है। सभी मानीटरिंग की जा रही है। अगर किसी को कोरोना के लक्षणों में से कोई लक्षण नजर आते हैं तो उसे तत्काल आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराने की व्यवस्था की गई है।

कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन घोषित होने के बाद हर कोई घरों में कैद है। सरकार की ओर अंत्योदय परिवार के लोगों के लिए से निशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं आजमगढ़ के डीएम एनपी सिंह ने जिन अंत्योदय परिवार में शुन्य से दो वर्ष तक के बच्चे हैं उन परिवारों को दूध उपलब्ध कराने का निर्णय लिया , जिसके बाद यह कार्य शुरू किया गया |

डीएम एनपी सिंह द्वारा लेखपालों को लगाकर सर्वे का कार्य कराया जा रहा है। कोरोना महामारी से निपटने के लिए सरकार की ओर से 31 मई तक के लिए लाक डाउन घोषित कर दिया गया। इसके साथ ही सरकार ने कोई भूखा न रहे अंत्योदय, दिहाड़ी मजदूरों आदि को मुफ्त राशन वितरण भी कराया।

डीएम एनपी सिंह ने गांवों का भ्रमण किया , जिसमें उन्होंने पाया कि बहुत से अंत्योदय कार्ड धारक ऐसे हैं जिन्हें किसी योजना के तहत पैसे नहीं मिले हैं। ऐसे लोगों को राशन के अलावा अन्य जरूरी सामान दिलाने के लिए उनके द्वारा स्थानीय स्तर पर प्रयास कर दिया गया है।

भ्रमण के दौरान डीएम ने यह भी पाया कि बहुत से अंत्योदय परिवार से जीरो दो वर्ष तक के बच्चे हैं जो दूध से वंचित हैं। डीएम ने ऐसे परिवारों के बच्चों के लिए पावडर का दूध उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। जिसके तहत उनके द्वारा राजस्व कर्मियों को लगाकर सर्वे का कार्य किया गया।

आजमगढ़ डीएम एनपी सिंह ने बताया कि उनके यहां राहत कोष में बहुत से लोगों ने धन जमा किया है। जिसमें से लगभग 12 लाख रुपये वह खर्च कर चुके हैं। जो पैसे बचे हैं उससे उनके द्वारा जिन अंत्योदय परिवारों में जीरों से दो वर्ष तक के बच्चे हैं उनके लिए 400 ग्राम अमूल दूध का पैकेट उपलब्ध कराया गया |

डीएम एनपी सिंह की अध्यक्षता में कोरोना महामारी के चलते जारी लाकडाउन के दौरान किसी महिला के साथ घरेलू हिंसा न होने पाए इस बात का ध्यान रखने का निर्देश दिया गया।डीएम ने बताया कि लाकडाउन की स्थिति में जनपद में हजारों मजदूरों का आगमन हो रहा है। मजदूरों का मनोवैज्ञानिक, आर्थिक, सामाजिक व्यवस्थापन के लिए जनपद में व्यवस्थाएं की जा रही हैं। ग्रामों में परिवारों का आगमन हो रहा है, जिससे परिवारों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ेगा, उन लोगों को किस प्रकार आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जाए तथा उनकी काउन्सिलिंग की जाए। जिससे कि वे अवसाद में न जाने पाएं, इसके लिए ग्राम स्तर पर एक शिक्षक को ‘प्रवासी श्रमिक मित्र’ बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

ये प्रवासी श्रमिक मित्र गांव के 10 छात्र व छात्राओं का चयन किया तथा उनको लेकर लोगों को कोरोना से बचाव, सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनना आदि के लिए जागरूक कर रहे है , उनको रोजगार से जोड़ने और सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए कार्य कर रहे है । उन्होंने कहा की आप की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि ज्यादा परिवार अब एक साथ घर पर हैं, लेकिन महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार का घरेलू हिंसा नही होना चाहिए तथा किसी का परिवार न टूटे, इसके लिए लोगों की काउंसिलिंग शुरू करवाई ।

लॉकडाउन के दौरान गांव के मनरेगा जाबकार्ड धारक और बाहर से आए प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जनपद में तेजी से मनरेगा के कार्य कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में आजमगढ़ डीएम एनपी सिंह ने सठियांव विकास खंड के सठियांव ग्राम पंचायत में पोखरा खुदाई कार्य का भी निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत में पोखरा खुदाई का कार्य चल रहा था।  एनपी सिंह ने बताया कि पोखरा खुदाई में कुल 59 मजदूर लगे हैं, जिसमें से 28 महिला एवं 31 पुरूष हैं। इन मजदूरों में 57 अनुसूचित जाति एवं दो पिछड़ी जाति के मजदूर हं। इन मजदूरों में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं भी शमिल हैं।

उन्होंने कहा की मेने मजदूरों से बात की। मजदूरों को बताया कि जो भी व्यक्ति जहां पर हैं, वहां के नजदीकी थाने पर अपना पता, आधार नंबर सहित नोट कराएं, ताकि वहां से सूची तैयार करने के बाद वह सूची शासन में जाएगी, उसके बाद उनके आने की व्यवस्था शासन स्तर से की जाएगी।

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