नोएडा को नए रूप देने का मास्टर प्लान 10 महीने में होगा तैयार, किसानों और उद्यमियों को मिलेगा फायदा
Ten News Network
नोएडा :– नोएडा को नया रूप देने के लिए नोएडा प्राधिकरण द्वारा मास्टर प्लान तैयार कर दिया गया है। दादरी, नोएडा और गाज़ियाबाद निवेश क्षेत्र को लेकर नोएडा प्राधिकरण और दिल्ली स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के बीच एमओयू हो गया है। एसपीए को 10 महीने में मास्टर प्लान 2041 तैयार करना होगा। मास्टर प्लान तैयार करते समय किसानों से लेकर निवेशकों समेत सभी की दी जाने वाली सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा।
बता दें की नए नोएडा के निर्माण में नोएडा के 20 गांव और बुलंदशहर के 60 गांव शामिल हैं। मास्टर प्लान तैयार करते समय किसानों से लेकर निवेशकों समेत सभी की दी जाने वाली सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा। मास्टर प्लान जीआईएस आधारित होगा। सेटेलाइज इमेज सहित आधुनिक संसाधनों के जरिए रिपोर्ट तैयार की जाएगी। यह ईस्टर्न-वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर के बीच बसाया जाएगा।
इस मौके पर नोएडा अथॉरिटी की सीईओ रितु महेश्वरी ने कहा, “मास्टर प्लान तैयार करने में सतत विकास और पर्यावरण का विशेष ध्यान रखा जाएगा। यह निवेश क्षेत्र दादरी के 20 और बुलंदशहर के 60 गांवों की जमीन पर बसेगा।
आने वाले समय में गौतमुबद्ध नगर सबसे बड़े औद्योगिक हब के रूप में दिखाई देगा। राज्य और केंद्र की परियोजनाओं ने इस क्षेत्र का ऐसा परिसीमन तैयार किया है कि आर्थिक दृष्टि से यह काफी महत्वपूर्ण होगा। बड़ी बात यह है कि दिल्ली-मुम्बई इंडस्ट्रियल कॉरीडोर के सहारे प्रस्तावित आठ विशेष निवेश क्षेत्र में एक दादरी-नोएडा-गाजियाबाद इंवेस्टमेंट रीजन को बसाने का जिम्मा नोएडा प्राधिकरण को मिला है।
रितु माहेश्वरी ने कहा, “यह निवेश क्षेत्र 210 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में विकसित किया जाएगा। यह बुलंदशहर की ओर जाने वाले जीटी रोड और हावड़ा की ओर जाने वाली रेलवे लाइन के बीच में स्थित है।” अधिकारियों ने बताया कि दादरी से मुंबई तक वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। इसी के सहारे दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है।
इसी प्रकार ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर अमृतसर, मेरठ, खुर्जा होते हुए कोलकाता तक प्रस्तावित है। खुर्जा से एक रेलवे लाइन दादरी तक निर्मित की जाएगी। यह ईस्टर्न व वेस्टर्न कॉरिडोर को जोड़ेगी। ऐसे में दादरी आर्थिक और औद्योगिक दृष्टि से सबसे बड़ा निवेश केंद्र होगा। फ्रेट कॉरिडोर के नजदीक होने के कारण दिल्ली-एनसीआर के निवेशकर्ता अपने उत्पाद आसानी से ट्रांसपोर्ट कर सकेंगे।
मुंबई पोर्ट से सीधा संपर्क हो जाने के कारण आयात-निर्यात की सुविधा हो जाएगी। इसको देखते हुए दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर पर तीन अर्ली बर्ड प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। इनमें इंटीग्रेटिड इंडस्ट्रीयल टाउनशिप ग्रेटर नोएडा, मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब बोड़ाकी और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक दादरी शामिल हैं।
