प्रशांत भूषण देंगे अन्याय के शिकार ऑटो चा लकों का साथ। 7 दिसंबर को हाई कोर्ट में है मामले की सुनवाई।*

*• प्रशांत भूषण देंगे अन्याय के शिकार ऑटो चालकों का साथ। 7 दिसंबर को हाई कोर्ट में है मामले की सुनवाई।*

*• नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ऑटो चालकों को दिए गए दो लेन। जाम, अफ़रातफ़री और नाजायज़ पुलिस चालान की समस्याओं से निजात दिलाने के लिए बुधवार को स्वराज इंडिया ने की थी ये मांग।*

*• 5 दिसंबर को ऑटो चालकों का हल्ला बोल। आईटीओ से जंतर मंतर तक होगा ऑटो मार्च।*

*प्रेस विज्ञप्ति*
*स्वराज इंडिया*
*4 दिसंबर, 2016*

नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन के बाहर सवारियों को बिठाने के लिए रेलवे प्रसाशन ने ऑटो चालकों के लिए दो लेन खोल दिए हैं। यह मांग स्वराज इंडिया ने रेलवे निदेशक के समक्ष तब रखा था जब पिछले बुधवार को सैकड़ों ऑटोचालकों ने रेलवे स्टेशन द्वार पर प्रदर्शन किया। अब तक सिर्फ़ एक लेन होने के कारण सवारियों के साथ साथ ऑटो चालकों को भी बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता था। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के बाहर जो कि दिल्ली के लोगों के लिए सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण आवागमन स्थल है, वहाँ अकसर जाम और अफ़रातफ़री की स्थिति बन जाया करती थी।

ऑटो चलाने वाले शिव कुमार ने स्वराज इंडिया का धन्यवाद जताते हुए कहा कि इस फैसले से रेलवे स्टेशन पर सवारियों को ऑटो सेवा देना सुचारू हो गया है। इतना ही नहीं, आरपीएफ के पुलिसवालों ने नाजायज़ चालान काटकर उन्हें परेशान करना भी बंद कर दिया है।

हबीब आलम भी नई दिल्ली रेलवे स्टैंड से अपना ऑटो चलाते हैं। उन्होंने ख़ुशी जताते हुए बताया कि स्वराज इंडिया का साथ मिलने से ऑटो चालकों को बहुत ताकत मिली है।

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और स्वराज अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रशांत भूषण ने ऑटो चालकों के साथ खड़े होने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि वो अन्याय के शिकार ऑटोवालों की लड़ाई में उनका साथ देंगे। ज्ञात हो कि 7 दिसंबर को दिल्ली हाई कोर्ट में उस मामले की सुनवाई है जिसमें आम आदमी पार्टी सरकार ने स्कीम में सफल हुए 8258 ऑटोचालकों को नया ऑटो देने पर रोक लगा दी थी।

स्वराज इंडिया ने 5 दिसंबर को होने वाले ऑटो मार्च में भी ऑटो चालकों को समर्थन देने का निर्णय लिया है। ज्ञात हो कि स्वराज इंडिया ऑटो चालकों के मुद्दों को ज़ोर शोर से उठाता रहा है। दिल्ली सरकार के संरक्षण में चल रहे ऑटो परमिट घोटाले का भी पार्टी ने बीते मंगलवार को पर्दाफ़ाश किया। साथ ही बताया कि फाइनेंस माफ़िया और सरकार की मिलीभगत से चल रहे इस घोटाले के कारण दिल्ली के ग़रीब ऑटोचालक को 1.85 लाख़ का ऑटो 4.50 लाख़ में बेचा जा रहा है।

स्वराज इंडिया ने मांग किया है कि दिल्ली सरकार के ऑटो घोटाले की सीबीआई जांच हो और दोषियों को कड़ी सज़ा दी जाए।

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