बाबा जय गुरू देव के वाराणसी मे एक समागम के दोरान भगदड़ मचने से 19 लोगो की मोत और काफी लोग घ ायल .
जानिये कौन है वो बाबा जयगुरुदेव,
जिनके समागम में वाराणसी में मच गई भगदड़
इस बड़े हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हैं
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में आज एक बड़ा हादसा हो गया जब बाबा जयगुरुदेव के आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने आए हज़ारों लोगों के बीच भगदड़ मच गई। इस भगदड़ में करीब 19 लोगों के मरने की खबर आ रही है, जिसमें 15 महिलाएं शामिल हैं। इन मौतों की मुख्य चिकित्साधिकारी डा वीबी सिंह पुष्टि कर चुके हैं। हालांकि अभी घायलों की ठीक-ठीक संख्या का अंदाज़ा लगाया जाना मुश्किल है। चश्मदीदों के मुताबिक घायलों की संख्या सैकड़ों में है। वहीं मथुरा से जयगुरुदेव संस्थान के मीडिया प्रभारी का बयान आया है कि पुल टूटने की अफवाह से वारणसी में हादसा हुआ है।
आइये जानें कि ये बाबा जयगुरुदेव कौन हैं, जिनके इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हज़ारों लोग आए थे। दरअसल परमसंत बाबा जयगुरुदेव जी महाराज को ही बाबा जयगुरुदेव जी महाराज कहा जाता है। ये उत्तर प्रदेश में ही पैदा हुए थे। जब ये सिर्फ 7 साल के थे तो इन्होंने अपना घर छोड़ दिया था. जयगुरुदेव के गुरु पंडित घूरेलाल जी शर्मा थे जो कि अलीगढ़ के चिरौली गांव के ब्राह्मण परिवार में पैदा हुए थे। साल 1952 से जयगुरुदेव ने वाराणसी में प्रवचन देना शुरु किया। जय गुरुदेव की मौत 18 मई 2012 को हो गई। जय गुरुदेव का नारा था, ‘जयगुरु देव, सतयुग आएगा’। इसी सतयुग को लाने के लिए लाखों-करोड़ों लोग इनके अनुयायी बन गए।
आज मथुरा की धर्म प्रचारक संस्था जयगुरुदेव ने वाराणसी में गंगा तट पर आज संगत समागम का आयोजन किया गया था। इस समागम के लिए देशभर से जय गुरुदेव के हजारों शिष्य वाराणसी पहुंच रहे थे। हज़ारों लाखों लोग जयगुरुदेव आश्रम, कटेश्वर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में आए हुए थे।
आज इस संस्था के द्वारा वाराणसी में शाकाहार और नशामुक्त प्रचार पद्यात्रा निकाले जाने की योजना बनाई थी। और फिर कल यानी 16 अक्टूबर को दोपहर एक बजे विशाल सत्संग भी आयोजित किया गया है, जिसमें जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था, मथुरा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज जी महाराज, जयगुरुदेव जी महाराज के आध्यात्मिक सन्देशों को सुनायेंगे।
लेकिन इतने बड़े हादसे के बाद ये कार्यक्रम किस तरीके से होंगे और कौन से नए इंतेज़ाम किये जाएंगे अभी इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता। बहरहाल, आयोजकों और प्रशासन की कमी के चलते इतना बड़ा हादसा हुआ है। हादसे के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव नेे मृतकों को दो-दो लाख की मदद की बात कही है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख जताते हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।


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